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️स्टूडेंट इंस्टेंट,विस्तारFollow Usदिन पर दिन बढ़ते जा रहे साइबर ठगी के मामलों में इस बार ठग गलत शिकार चुन बैठा। भिंड जिले के ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत को एक साइबर ठग ने कॉल कर क्रेडिट कार्ड की वैलिडिटी अपडेट करने के बहाने फंसाने की कोशिश की। टीआई ने ठग की मंशा तुरंत भांप ली और उसे पकड़ने की योजना बना डाली।
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूंPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:12 PM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:39 AM IST
प्रीमियम कमाई, भीलवाड़ा के जसवंतपुरा स्थित सीएनजी पंप पर हुए विवाद और मारपीट के बाद निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है। शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपिका व्यास उनकी वैध पत्नी हैं और वर्ष 2024 में दोनों ने विवाह किया था।
कैश पैसे जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद- फोटो : reasi news
विस्तारFollow Usपूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में देशभर के दलित और आदिवासी संगठनों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में भोपाल डिक्लेरेशन-2 के ड्राफ्टिंग सत्र की शुरुआत की। यह पहल भोपाल डिक्लेरेशन-1 की 25वीं वर्षगांठ से पहले की गई और इसका उद्देश्य SC-ST वर्ग के अधिकारों, रोजगार, भूमि, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े एजेंडे को नए संदर्भ में तैयार करना है। दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में पुराने अनुभवों, सामाजिक बदलावों और प्रशासनिक विफलताओं पर खुलकर बात रखी।
डिपॉजिट वेरिफाई, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







