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💢साइन अप💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sat, 15 Nov 2025 05:03 PM IST
️कमेंट कमेंट,इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
विस्तारFollow Usजिले के सटई थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां मछली पकड़ने के दौरान जाल निकालने के प्रयास में एक मछुआरे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उसके साथी मछुआरे पर लापरवाही बरतने और जान-बूझकर जोखिम में डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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विस्तारFollow Usपश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के प्रभाव से 2 से 3 दिन बाद प्रदेश के उत्तरी इलाकों में मावठा गिर सकता है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना ठंडा मौसम बना हुआ है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में कोहरे की चादर छाई रही। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी कोहरे का असर देखा गया। हालांकि, अधिकतर इलाकों में दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर तक बनी रही।
चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
सुन्हाणी में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में दमखत दिखाती खिलाड़ी। स्रोत: आयोजक
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चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:11 AM IST
फ्रेंड्स डिस्काउंट, चंडीगढ़। गांव बहलाना में सोमवार दोपहर एक 13 वर्षीय बच्ची ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। मृतका आठवीं कक्षा की छात्रा थी और बहलाना स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। घटना के समय बच्ची घर में अकेली थी।







