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पॉइंट्स फ्रेंड्स
💢मेगा रजिस्टर💢सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
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सारMP:छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दुल्हन अपने पिता व कथित गुंडों संग ससुराल पहुंची। सास-ससुर से मारपीट कर दहेज की बाइक घसीटते ले गई। मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है।
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सारबैतूल पुलिस ने दुबई से संचालित अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर 9.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल और कार जब्त कर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू की है।
सारहमले में पुलिस की वर्दी फाड़ दी गई और शासकीय वाहन की चाबी छीनकर भागने की कोशिश की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपियों शेरसिंह सिकलीगर और सरताज सिकलीगर को पकड़ लिया, जबकि उनके तीन साथी विरेन्द्र सिकलीगर, समशेरसिंह सिकलीगर और गुरुचरण सिकलीगर फरार हो गए।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:14 AM IST
इंस्टेंट, भिंड में सोमवार को मिहोना बायपास पर एसडीएम की गाड़ी को रेत माफिया के ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। एसडीएम विजय सिंह यादव अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को चोट नहीं आई। एसडीएम की गाड़ी को आगे से नुकसान हुआ है।पुलिस ने मौके से रेत से भरी दो ट्रॉलियां जब्त की हैं।
नया इंस्टेंट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:22 AM IST
विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
सिल्वर विन, चंबा। कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। बाट पंचायत की सुमन ने इस कथन को साकार कर दिखाया है। घरेलू जिम्मेदारियों, आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बीच सुमन ने दो वर्ष पहले अचार उद्योग की शुरुआत की, जो आज पूरे जिले में स्वाद, गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन चुका है।







