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💢पॉइंट्स क्लिक💢बालोद जिले को नौ जनवरी से शुरू हो रहे देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की मेजबानी मिली है। ग्राम दुधली में 146 एकड़ क्षेत्र में अस्थायी शहर बसाया गया है, जहां हजारों बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
️लाइक टास्क,विस्तारFollow Usजिले के ग्राम मोहारा निवासी खोमेंद्र साहू की 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जिला अस्पताल पुलिस चौकी से शनिवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, खोमेंद्र ने ग्राम कोचेरा में टेंट लगाने का काम किया था। 19 दिसंबर को टेंट निकालकर गाड़ी पर लोड करने के लिए वे ऊपर चढ़े, तभी ऊपर गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात आई है। जिला प्रशासन अब प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह पहल जिले में चल रहे 'हम होंगे कामयाब' अभियान के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें प्रशासनिक, तकनीकी और सेवा क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देना है।
लाइक, विस्तारFollow Usअशोकनगर जिले से दो हृदय विदारक घटनाएं सामने आई हैं, जहां तेज बारिश के बाद उफान पर आए नालों ने दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना पिपरई थाना क्षेत्र के मूड़रा गांव की है, जहां मजदूरी के लिए घर से निकला 26 वर्षीय युवक विनोद आदिवासी नाले के तेज बहाव में बह गया। वहीं, दूसरी घटना मुंगावली थाना क्षेत्र के सोनाखेड़ी गांव की है, जहां खेलते-खेलते नाले में गिरा ढाई साल का मासूम कालू आदिवासी पानी में बह गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
इंस्टेंट ईज़ी, PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
इनवाइट डिस्काउंट अंबेडकरनगर। मकर संक्रांति पर्व नजदीक आने के साथ ही जिले में पतंगों का मौसम पूरी तरह से परवान चढ़ने लगा है। 14 जनवरी को मनाए जाने वाले पर्व को लेकर शहर से लेकर गांवों तक दुकानें व छतें गुलजार हो गई हैं।
बरेली। बहेड़ी में किच्छा नदी की बाढ़ से मेगा फूड पार्क को सुरक्षित करने के लिए तीन गांवों की जमीन पर 20 करोड़ रुपये की लागत से ढाई किमी लंबा तटबंध बनेगा। इसमें एक गांव सतुईया उत्तराखंड का है, जबकि मुड़िया मुकर्रमपुर और भिखारीपुर बहेड़ी ब्लॉक के हैं। फरवरी से भूमि अधिग्रहण शुरू होगा। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड को 13.50 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं।
वीआईपी अर्न, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 11 Nov 2025 10:13 PM IST







