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💢ऑफर ट्रांसफर💢अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 26 Nov 2025 10:49 PM IST
️ट्रांसफर इंस्टेंट,पंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
पॉइंट्स रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:09 PM IST
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहरPublished by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:22 PM IST
विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
विज़िट वॉच, ज्ञानपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) से किनारा करते हुए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की ड्यूटी नहीं करने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है।
प्लेटिनम वेरिफाई सारBihar : कांग्रेस के भीतर चल रही पुरानी गुटबाजी एक बार फिर मकर संक्रांति के मौके पर सार्वजनिक हो गई है। दही-चूड़ा भोज में विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sun, 09 Nov 2025 03:09 PM IST
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