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💢ऐप विन💢सारबेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं।
️ऑनलाइन गेट,विस्तारFollow Usराजस्थान के भरतपुर जिले के वैर क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। यह एक्सीडेंट जीवद गांव के पास घटित हुआ है। देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को भरतपुर रेफर कर दिया गया है।
बड़ा डिपॉजिट,
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:28 PM IST
सारNitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2026 कई तरह से मायने रखता है। 2025 के अंत में उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उसके पहले और उसके बाद कई बातें उठीं। लेकिन, अब वह एक बार फिर जवाब देने के मूड में हैं।
दैनिक कमेंट, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 10 Jan 2026 04:21 PM IST
गेम कमेंट
विस्तारFollow Usपहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
मोबाइल विथड्रॉ, वनमंडल अंतर्गत कूप कटाई को लेकर हाल के दिनों में ग्रामीणों के बीच असमंजस और आपत्तियों की स्थिति बनी हुई थी। इसी संदर्भ में वन विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने कहा है कि कूप कटाई पूरी तरह शासन के प्रावधानों पर्यावरणीय नियमों और ग्रामसभा की प्रक्रिया के अनुरूप ही की जा रही है।







