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️मासिक कमाई,बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
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टास्क इनाम, पक्का मकान अब बाधा नहीं, आयु सीमा बढ़ने से पहले निरस्त आवेदन भी होंगे शामिल
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विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम बिरोदा में रविवार देर रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के चल समारोह के दौरान पथराव हो गया। घटना उस समय हुई जब प्रतिमा ग्राम पंचायत कार्यालय से निकलकर पठानवाड़ी मोहल्ले के पास से गुजर रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिमा के साथ चल रहे जुलूस में अचानक किसी ने पत्थर फेंक दिए, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। इस दौरान वहां पुलिस बल तैनात था, लेकिन घटना अचानक होने से कोई समझ नहीं पाया। पथराव में घायल तीन लोग आकाश रविंद्र, प्रकाश हरिभाऊ और विजय जगन्नाथ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इनाम फ्री, छतरपुर में सागर लोकायुक्त ने जिला आयुष अधिकारी डॉ. निर्मला कुशवाहा और सहायक ग्रेड 2 बाबू अनिल साहू को लोकायुक्त पुलिस ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नये वर्ष के अवसर पर उस वक्त की गई, जब ऑफिस में पार्टी चला रही थी। इसी वक्त लोकायुक्त का अचपा पद गया और मैडम पार्टी के बीच रिस्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं।
डाउनलोड कमेंट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:46 PM IST
चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
साइन अप ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:06 PM IST







