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💢गेम गेट💢कोतमा न्यायालय में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह छावड़ा के घर पर पथराव कर जान से मारने की धमकी, तोड़फोड़ एवं उपद्रव किए जाने के मामले में रविवार को डीआईजी सविता सुहाने घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिनस्थ स्टाफ को निर्देश दिए। इसके साथ ही घटना को लेकर न्यायालयीन अधिकारी, अधिवक्ता संघ सहित नागरिकों में आक्रोश है।
️डाउनलोड,USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
कैश क्लिक, सारछत्तीसगढ़ सीमा से आए तीन हाथी छह दिनों से अनूपपुर जिले में विचरण कर रहे हैं। हाथियों ने कई गांवों में घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है। भयभीत ग्रामीण रात में पेड़ों पर आशियाना बनाकर जान बचा रहे हैं, जबकि वन विभाग गश्त कर निगरानी कर रहा है।
सारसऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मृत बालोतरा निवासी रमेश मेघवाल का शव एक माह बाद भारत लाया गया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के हस्तक्षेप से कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। पार्थिव शरीर दिल्ली होते हुए जयपुर पहुंचा, जहां से परिजनों को सौंपा जाएगा।
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विस्तारFollow Usसंगम की रेती पर माघ मेले ने भव्य स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। संगम तट पर हर दिन देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है। अध्यात्म और भक्ति से सराबोर माघ मेले में साधु-संत अलग-अलग भेषभूषा और बोली से चर्चा में हैं। इन्हीं में एक हैं सेंट वाले बाबा। वह संगम लोवर मार्ग पर धूनी रमाए रेती पर भक्ति रस बांट रहे हैं।
शेयर, बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।
फ्रेंड्स कम्पलीट सारघायल महिला के पति कुलदीप ने बताया कि वह और उनकी पत्नी पिछले कुछ दिनों से लगातार धमकी भरी कॉल्स से परेशान थे। कॉल करने वाले खुद को अपराधी बताते हुए पैसों की मांग कर रहे थे और अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे थे।
नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
छोटा कमेंट, सारधार्मिक पोस्टर लगाए जाने पर एक समुदाय द्वारा विरोध और नारेबाजी के बाद विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल पहुंचकर भीड़ को शांत कराया और अतिरिक्त बल बुलाकर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।







