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💢रजिस्टर पॉइंट्स💢जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की बूंदी रेंज के खटकड़ क्षेत्र में एक पैंथर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्टया पैंथर की मौत बीमारी के चलते होना प्रतीत हो रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को पैंथर के घायल अवस्था में होने की सूचना दी थी, जिस पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी।
️इंस्टेंट,विस्तारFollow Usराजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहा इंडो–यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास अजेय वॉरियर–25 उच्च पेशेवर स्तर पर आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट और यूके आर्मी का दल एक संयुक्त राष्ट्र जनादेश के तहत इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए केंद्रित प्रशिक्षण गतिविधियां कर रहा है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 09:01 PM IST
कमेंट, सारबिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में तब हंगामा मच गया जब कुलपति ने एक साहित्यकार को मंच से जाने के लिए कह दिया। कुलपति के इस व्यवहार से नाराज होकर हिंदी के कई साहित्यकारों ने विरोध जताया और कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया।
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सब्सक्राइब, थप्पड़बाज निलंबित एसडीएम छोटूलाल शर्मा।- फोटो : अमर उजाला
लॉग इन सारRajasthan News : राजस्थान के सीकर निवासी 33 वर्षीय सुरेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में अबूधाबी (यूएई) में हुई मृत्यु के 56 दिन बाद आखिरकार उनका शव शुक्रवार सुबह जयपुर पहुंचेगा। राष्ट्रपति भवन से लेकर विदेश मंत्रालय तक की कार्यवाही और दबाव के बाद शव को भारत लाने का रास्ता साफ हो सका।
रोते-बिलखते सबदपाल के परजिन। संवाद- फोटो : katra news
वॉच गेट, विस्तारFollow Usआज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।







