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💢मेगा कैश💢तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
️प्रीमियम इनाम,संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:00 PM IST
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विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सुपर मोबाइल, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी स्कूल का शिक्षक शादी का जाल बिछाकर 50 वर्षीय महिला के साथ 8 साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई, थाने पहुंची और आरोपी रज्जू महिलांग (43) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सब्सक्राइब फ्रेंड्स बदौसा। थाना बदौसा क्षेत्र के गर्गपुर अंश चंदौर गांव में 19 दिसंबर की शाम करीब पांच बजे एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। पीड़ित राजा भइया गर्ग की तहरीर पर पुलिस ने विष्णु गर्ग व उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
बागपत। यमुना नदी में बाढ़ के बाद धार बदलने से बागपत के 13 गांवों की हजारों बीघा जमीन हरियाणा की तरफ चली गई। इससे बागपत की जमीन कम हो गई, मगर हरियाणा के सोनीपत व पानीपत जिले के किसानों के साथ दुश्मनी बढ़ गई। अब वह जमीन पर अपना हक जताकर फसल की बुवाई कर रहे हैं। इसको लेकर विवाद हो रहा है और जमीन उधर होने से अधिकारी भी लाचार दिख रहे हैं।
स्टूडेंट, हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:09 PM IST







