कूपन विन
कमेंट ऑफर
ट्रांसफर इनाम, Inc
डिपॉजिट डिपॉजिट
💢शेयर वॉच💢
️नया इंस्टेंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 10:30 PM IST
कपकोट में गैरखेत–लखमारा सड़क का निर्माण कार्य तीन साल से ठप होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक कार्यालय के सामने धरना देकर एक महीने में काम शुरू करने की मांग की।
क्लिक इनवाइट, बागेश्वर। शौका जनजाति की जसूली दताल शौक्याणी की बनाई धर्मशालाओं का नवीनीकरण किया जाएगा। उनकी पांचवी पीढ़ी के वंशजों ने विभिन्न स्थानों पर खंडहर हो चुकी धर्मशालाओं को नया रूप देने की पहल शुरू की है।
बागेश्वर। पंडित बीडी पांडेय परिसर को अब तक विज्ञान भवन का हस्तांतरण नहीं होने से विद्यार्थियों में रोष है। छात्र-छात्राओं ने परिसर के खेल मैदान में खड़े सीज वाहन नहीं हटाने पर भी नाराजगी जताई। जल्द समस्याओं का निदान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को निदेशक के माध्यम से विद्यार्थियों ने डीएम को ज्ञापन भेजा। छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी ने बताया कि परिसर के खेल मैदान में एक साल पहले सीज करके रखे गए डंपर और अन्य वाहनों को अब तक नहीं हटाया गया है। पूर्व में विद्यार्थी इसे लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं। विद्यार्थियों ने उत्तरायणी मेले के दौरान खेल मैदान को टैक्सी पार्किंग स्थल बनाने का भी विरोध किया। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर उत्तरायणी मेले के दौरान विद्यार्थी धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर ललित कुमार, मनीष चौबे, पियूष तिवारी, प्रेम दानू, पंकज कुमार, राहुल बाराकोटी, कैलाश आदि रहे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 03:09 PM IST
गेट कम्पलीट, ITM:आज भारत वर्ष 2047 का रोडमैप लेकर चल रहा है। सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है कि हम अपने परम्परागत दृष्टिकोण में बदलाव करते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपने जीवन में सम्मलित करें ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। देहरादून स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) अपने छात्रों को नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से डायनामिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
रिवॉर्ड्स अमर उजाला नेटवर्क, बहराइचPublished by:शाहरुख खानUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:50 PM IST
मासिक ट्रांसफर, दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।







