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💢अर्न💢मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें जनधन और मजदूर वर्ग के लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इनमें से एक खाता ऐसे व्यक्ति का था जिसकी मौत हो चुकी थी। इन खातों से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कुल लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया है।
️अर्न साइन अप,चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णियाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:26 PM IST
विन,
तोशाम। गारनपुरा खुर्द निवासी एक व्यक्ति ने सीसर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ फॉर्च्यूनर गाड़ी दिलवाने के नाम पर 5 लाख 65 हजार रुपये लेकर वापस न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इंस्टेंट विज़िट, सारBhilwara News: भीलवाड़ा पुलिस ने अपराधियों और माफियाओं का महिमामंडन करने वाले सात स्थानीय गायकों पर रोक लगा दी है। गानों को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे गीत न गाने की चेतावनी दी गई है।
साप्ताहिक सर्वे विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंबदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।
बड़ा टास्क, बदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।







