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💢इनाम गेट💢सारBalotra News: बालोतरा के देवपुरा गांव में जहरीले दानों से मोरों के शिकार का मामला सामने आने पर वन विभाग ने 40 घंटे में आरोपी आदतन शिकारी को गिरफ्तार किया। दो मृत मोर बरामद हुए, जबकि एक घायल मोर का उपचार जारी है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
️ऐप विज़िट,विस्तारFollow Usथाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत बोरतरा फाटक के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक चरवाहा महिला अपनी बकरियों को चराकर घर लौट रही थी। तभी अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई।
मंडी धनाैरा में धर्म परिवर्तन की सूचना पर पहुंची पुलिस- फोटो : संवाद
लाइक लॉग इन, अमरोहा। न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की बेरहमी से हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। 35 वर्षीय पत्नी रुखसार के रुख पर सिर्फ आंसू हैं। रुक-रुक कर आती चीखों के अलावा उनके मुंह से कोई अल्फाज नहीं निकल रहे। लगातार बहती आंखों से वह पास मौजूद महिलाओं की तरफ सवालिया निगाहों से देखती हैं और रुंधे गले से एक ही सवाल निकलता है-इतनी मामूली बात पर कोई किसी की जान कैसे ले सकता है।
बागेश्वर। लघु सिंचाई की सातवीं संगणना के क्रियान्वयन के लिए जिला सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। संगणना के लिए चयनित संस्थाओं और नोडल विभाग लघु सिंचाई के अधिकारियों को कार्य को प्रभावी रूप से करने, अनुश्रवण और निगरानी को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए।
बाघ की हड्डी निकालती वन विभाग की टीम- फोटो : अमर उजाला
सारBansur News: बानसूर और हाजीपुर के ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। 400 साल पुरानी यह गौरवशाली विरासत आज सरकारी अनदेखी के चलते अपना अस्तित्व खो रही है।
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बांदा के पैलानी थाना इलाके के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के इरादे से मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
बोनस अर्न, बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।







