दैनिक गेट
विज़िट मोबाइल
ईज़ी, Inc
मेगा साइन अप
💢डिस्काउंट स्टूडेंट💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️कैश कम्पलीट,विस्तारFollow Usबीजापुर जिले के भोपालपटनम थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ 214 बटालियन कैंप कांडलापर्ती और जिला बल की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। अभियान के दौरान डी माइनिंग कार्रवाई करते हुए कांडलापर्ती रोड से कुछ दूरी पर पगडंडी मार्ग पर माओवादियों द्वारा लगाया गया करीब पांच किलोग्राम वजनी आईईडी बरामद किया गया।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विथड्रॉ, बहल। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में पहचान बनाने के बाद अब उद्योग जगत में भी बहल कस्बे का नाम विश्व पटल पर चमक बिखेर रहा है। बहल में पले-बढ़े उद्यमी विकास चौधरी और उनके भतीजे नंदलाल अग्रवाल द्वारा निर्मित जंबो बैग को अफ्रीकी देश इजिप्ट के कैरो शहर में आयोजित विश्वस्तरीय व्यापारिक प्रदर्शनी में खूब सराहना मिली है। इजिप्ट में भारत के राजदूत सुरेश रेड्डी ने स्वयं विकास चौधरी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भारतीय उद्यमियों को इजिप्ट में व्यापार बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने भारतीय उत्पादों की निर्माण इकाइयां स्थापित करने और व्यापारिक संभावनाएं तलाशने का आग्रह भी किया।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:09 AM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:34 PM IST
डिपॉजिट बोनस,
डायमंड साइन अप सारसर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक 11 जनवरी 2026 को जगदलपुर के कोया कुटमा भवन में होगी। बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी और विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सर्वे विज़िट, उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







