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💢विशेष ईज़ी💢सारजशपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भतीजी ने अपने बड़े पिता आरटीओ अधिकारी विजय निकुंज के घर से 51 लाख रुपये से अधिक की चोरी की साजिश रची।
️रजिस्टर,अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंजPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:01 PM IST
विस्तारFollow Usदरभंगा महाराज की तीसरी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें महाराज कामेश्वर सिंह की चिता के बगल में विधि-विधान से अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि महाराज के पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी।
दैनिक कम्पलीट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Sat, 06 Dec 2025 02:46 PM IST
चंबा के कियाणी में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूटी की सीट पर पड़ा कोहरा।संवाद- फोटो : संवाद
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:11 AM IST
सारप्रसवोत्तर रक्तस्राव वह स्थिति है जब प्रसव के तुरंत बाद महिला के शरीर से अत्यधिक रक्त निकलता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गोल्डन आवर होता है जिसमें विशेष एहतियात बरतने से महिला की जान बचाई जा सकती है।
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अल्ट्रा इनवाइट बुरहानपुर में बुधवार देर शाम शिकारपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही हिंदू एवं दलित संगठनों ने मिलकर थाने का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया था। इसके साथ ही गुरुवार को बुरहानपुर बंद का एलान भी किया गया था। इसके चलते सुबह से ही शहर में बंद की स्थिति देखने को मिली। शहर के सभी मुख्य चौक चौराहों के साथ ही गलियों में भी बंद का असर रहा। हालांकि इस दौरान कुछ दुकानें खुली दिखीं। जिन्हें भी संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा बंद कराया गया। दुकान बंद कराने पहुंचे कार्यकर्ता आरोपी को फांसी दो के नारे लगा रहे थे।
विस्तारFollow Usबीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के तहत संचालित पोर्टाकेबिन आवापल्ली में अध्ययनरत कक्षा छठवीं की छात्रा मनीषा सेमला की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस हृदयविदारक घटना की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल ने घटनास्थल और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की पड़ताल की।
गोल्ड अर्न, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







