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💢वेरिफाई बोनस💢बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में मत्स्य पालन को नई दिशा देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। तालाबों में एरेशन सिस्टम की स्थापना से मछलियों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है। इस योजना के तहत मत्स्य पालकों को इस उन्नत तकनीक को अपनाने के लिए 80 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
️मेगा विज़िट,अल्मोड़ा में सूर्य पर्व मेला समिति की ओर से पौष माह के अंतिम रविवार को विकासखंड हवालबाग के कटारमल स्थित सूर्य मंदिर में 19वां सूर्य पर्व मेला आयोजित हुआ। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 04:08 PM IST
दैनिक डिपॉजिट, सिवाना उपखंड क्षेत्र के तेलवाड़ा गांव की सरहद में रविवार को सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने एक खेत में कंकाल जैसी हालत में पड़े शव को देखा। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों की सूचना पर सिवाना थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शुरुआती जांच और पहचान प्रक्रिया के बाद मृतक की पहचान जालोर जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव निवासी 30 वर्षीय बूटाराम पुत्र खेकाराम भील के रूप में की। बूटाराम पिछले करीब एक सप्ताह से लापता था और परिजनों ने पहले ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:37 PM IST
सारएनएसयूआई ने अरावली पर्वतमाला को नुकसान पहुंचाने वाले सरकारी फैसलों के विरोध में छतरपुर में मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन में युवाओं ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर प्रतीकात्मक संदेश दिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:46 AM IST
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सारAlwar News:कोटपूतली–बहरोड़ जिला पुलिस की स्पेशल टीम ने बानसूर थाना क्षेत्र से लंबे समय से फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी अपराधी दिलीप गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज था।
रिसीव लाइक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







