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💢बड़ा रिवॉर्ड्स💢सारवागड़ इलाके का जलियांवाला बाग कहा जाने वाला मानगढ़ धाम अपने आप में इतिहास की कई कहानियों को समेटे हुए है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। जानें ऐसा क्या है खास
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संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:17 AM IST
टास्क विज़िट, बलरामपुर के जूनियर हाईस्कूल दूल्हापुर में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थी ।-स्रोत
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संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:50 AM IST
गोल्ड कलेक्ट, राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषायी शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, जबकि राम मंदिर की संकल्पना पूरी तरह सनातन, भारतीय और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है। इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा।
गोल्ड कलेक्ट राजस्थान लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती-2021 के अंतर्गत ब्रॉड स्पेशियलिटी साइकेट्री एवं रेडियोडायग्नोसिस के पदों का परिणाम घोषित कर दिया है। विज्ञापन संख्या 06/2021-22 के तहत आयोजित इस भर्ती में साक्षात्कार 18 से 19 दिसंबर 2025 तक संपन्न हुए थे। सेवा नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी करते हुए साइकेट्री के 9 और रेडियोडायग्नोसिस के 17 अभ्यर्थियों को मुख्य सूची में सफल घोषित किया गया है। इससे संबंधित विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
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इनाम इंस्टेंट, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







