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💢गेम💢गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
️कम्पलीट मोबाइल,रुपईडीहा। शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने देर शाम रुपईडीहा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में संचालित रैन बसेरा तथा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले रैन बसेरा पहुंचकर वहां ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिस्तर, कंबल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की।
नया ईज़ी, नवाबगंज। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर के कारण नगर पालिका में भी सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। पर्यवेक्षण के अभाव में 25 वार्डों के मोहल्लों में सफाई के लिए कर्मी कभी-कभी आ रहे हैं। जगह-जगह कूड़ों के ढेर और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार की आबादी वाले कस्बे के लोगों को परेशानी हो रही है।
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अंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।
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माघ मेले में पहुंचे सेंट वाले बाबा।- फोटो : अमर उजाला।
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