अतिरिक्त फ्री
गोल्ड वेरिफाई
कमाई, Inc
कमेंट शेयर
💢छोटा डाउनलोड💢गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
️अर्न,
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:32 PM IST
रजिस्टर शेयर,
बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के लिए शिव की नगरी पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रही है। मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम चरणों में हैं। नुमाइश मैदान में मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले झूलों और चरखों को स्थापित कर दिया गया है। नगर के पुलों को रंग-बिरंगी लाइटों की झालरों से जगमग किया गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:33 PM IST
साइन अप टास्क,
इनवाइट रिवॉर्ड्स संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:30 AM IST
बलरामपुर। मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाकर बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई है। जिला कारागार में 25 पुरुष बंदियों का छह प्रशिक्षण सोमवार से शुरू किया गया। इंडियन बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की तरफ से बंदियों को मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अल्ट्रा ऑनलाइन, ठंड से बचने के लिए चेहरे को स्कार्फ से ढक्कर जाती युवतियां- फोटो : संवाद







