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💢बड़ा ईज़ी💢रायपुर जिले के थाना गोबरानवापारा पुलिस ने दुलना तिराहा के पास कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मादक पदार्थ चिट्टा (हेरोइन) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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कमाई रिसीव, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:57 PM IST
सारबुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे सूफियाना की हत्या मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक छह आरोपी पकड़े गए हैं, जबकि तीन फरार हैं। घटना में दो डंडे और एक सरिया बरामद हुए हैं।
बिहार में ठंड बढ़ने लगी है। सुबह और रात में तेज कनकनी महसूस की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। पटना, बेगूसराय, रोहतास, किशनगंज, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, भागलपुर, बांका समेत कई जिलों में सुबह के समय कोहरा छाया रहा, जिसके कारण बाइक और कार चालकों को दृश्यता कम होने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
सारप्रतिमा को सड़क के गड्ढों और ढलान के कारण असंतुलित होकर गिरना बताया गया। प्रशासन की ओर से केवल 10 फीट प्रतिमा की अनुमति होने के बावजूद 15 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई गई थी।
लाइक ऑनलाइन, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:40 AM IST
क्लिक झोझू कलां। मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन मकर राशि में सूर्य का आना बड़ा शुभ होता है और धनु राशि की मंद गति को छोड़कर सूर्य दोबारा अपनी सामान्य गति में प्रवेश करता है। शास्त्रों में इसे उत्तरायण का नाम भी दिया जाता है। आचार्य डॉ. मनोज शास्त्री बलाली ने बताया कि इस बार संयोग से इस दिन एकादशी भी है और मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान किया जाता है। ऐसे में एकादशी होने के कारण इस दिन खिचड़ी दान करने को लेकर संशय की स्थिति बन जाती है। शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार तिल का दान श्रेष्ठ है। ऐसे में मकर संक्रांति पर तिल व इससे बने हुए लड्डू, रेवड़ी, मूंगफली या कोई भी ऋतु अनुसार फल का दान कर सकते हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Thu, 27 Nov 2025 08:01 PM IST
रजिस्टर, विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।







