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💢विथड्रॉ डिपॉजिट💢सारKhairthal News: खैरथल कलेक्ट्रेट में उत्पीड़न से परेशान एक कर्मचारी ने निर्वस्त्र होकर विरोध जताया। कड़ाके की ठंड में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसने न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने उसे समझाकर कपड़े पहनाए।
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बलिया। शहर क्षेत्र में एक भी पार्किंग नहीं है। इसके कारण बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट आदि स्थानों पर आने वाले लोगों को वाहन सड़क या पटरियों पर खड़ा करना पड़ता है। इतना ही नहीं 18 बैंक शाखाओं के पास भी पार्किंग नहीं है। ऐसे में यदि सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं तो ट्रैफिक पुलिस उनका चालान काट देती है।
कमाई सब्सक्राइब, मेंहनगर। ब्लॉक के ग्राम पंचायत मानपुर निवासी और कार्यरत पंचायत सहायक के रूप में तैनात सरिता देवी को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीएलओ के रूप में तैनाती कर दी गई। उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। इस बाबत सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) श्रवण कुमार से बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ बढ़े हैं। बूथ पर पंचायत सहायक को बीएलओ के पद पर तैनाती के दौरान मोबाइल पर ओटीपी गई तो पूछे जाने पर पंचायत सहायक बोलीं नौकरी छोड़ दूंगी। बीएलओ पद का निर्वहन नहीं कर पाऊंगी। जिसे बहुत समझाने-बुझाने के बावजूद भी बुधवार को देर शाम नोटरी बयान हल्फी पेश किया है। जिसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। संवाद
सारमास्टरमाइंड मोहसीन खान को गिरफ्तार किया गया, जो 2011 से VPN की मदद से आधार मशीन की लोकेशन छिपाकर अवैध रूप से अपडेशन कर रहा था। वह अधिकृत ऑपरेटरों के फर्जी बायोमेट्रिक बनाकर सिस्टम तक पहुंच हासिल करता था।
बांसवाड़ा शहर के पाला रोड पर जामा मस्जिद के भवन पर लगे पोस्टर के ठीक सामने सड़क के दूसरे छोर पर एक अन्य पोस्टर लगाने के मामले को पुलिस ने समझाइश कर शांत कर दिया। दोनों समुदायों के पोस्टर भी उतरवा दिए। अब इस मामले में धर्मस्थल के भीतर जाकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक स्टोरी डालने की रिपोर्ट के बाद एक आरोपी गिरफ्तार किया है।
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राजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।
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