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️कमेंट,संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:23 PM IST
मेगा पॉइंट्स, मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें जनधन और मजदूर वर्ग के लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इनमें से एक खाता ऐसे व्यक्ति का था जिसकी मौत हो चुकी थी। इन खातों से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कुल लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया है।
सारMunger Crime: मुंगेर के जमालपुर में हत्या और गोलीबारी के दो मामलों में चार साल से फरार चंदन यादव के खिलाफ पुलिस ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। एसपी के निर्देश पर घर की संपत्ति जब्त की गई, जबकि आरोपी अब भी फरार है।
विस्तारFollow Usसदर थाना पुलिस ने नकली सोना देकर धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 500 रुपये की राशि भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि रामनगर कंजर कॉलोनी क्षेत्र में नकली सोना देकर धोखाधड़ी करने की शिकायत पर कार्रवाई की गई। इस मामले में विनोद, मेवाराम और सुकेन्द्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सस्ते दामों पर असली सोना देने का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे और असली की जगह नकली सोना थमा देते थे।
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साइन अप डिपॉजिट सारदरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी के कारण हैदराबाद से आई इंडिगो फ्लाइट को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। ईंधन स्थिति के चलते विमान की रांची में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिसके बाद यात्रियों को राहत मिली।
विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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