ऑफर सब्सक्राइब
रजिस्टर टास्क
गोल्ड डिपॉजिट, Inc
मेगा ऑफर
💢ऑनलाइन सब्सक्राइब💢अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:29 PM IST
️कम्पलीट,अफजलगढ़/कादराबाद। गांव हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी दिव्यांग ओमप्रकाश पुत्र मुरारी से पेंशन बनवाने के नाम पर गांव के युवक ने उसकी भूमि की वसीयत अपने नाम करा ली।ओम प्रकाश ने तहरीर में बताया कि गांव के ही एक युवक को उसने अपनी खेती की 10 बीघा भूमि करीब चार वर्ष पूर्व बटाई पर दी थी। युवक ने कुछ समय बाद उसके दिव्यांग और अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उसे पेंशन बनवाने का झांसा दिया। इसके चलते उसने उसे व उसकी पत्नी को तहसील ले जाकर उसकी बटाई की भूमि की वसीयत अपने नाम करा ली।पीड़ित का कहना है कि आरोपी युवक ने उससे दो लाख रुपये उधार ले रखे हैं। वह भी नहीं दे रहा रहा है। जब उसे भूमि की वसीयत संबंधी जानकारी हुई तो वह दो दिन पूर्व गणमान्य लोगों के साथ वार्ता के लिए आरोपी के घर गया। वहां मौजूद आरोपी व उसके दो बेटे उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए। सीओ आलोक कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sun, 23 Nov 2025 05:48 PM IST
सर्वे इंस्टेंट,
- देहरादून के स्टोन क्रशर में काम करता था व्यक्ति, परिजनों को नहीं दी मौत की सूचना
टनकपुर/पूर्णागिरि(चंपावत)। बदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई।
मासिक कमाई, मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर ग्राम बिरोदा में रविवार देर रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के चल समारोह के दौरान पथराव हो गया। घटना उस समय हुई जब प्रतिमा ग्राम पंचायत कार्यालय से निकलकर पठानवाड़ी मोहल्ले के पास से गुजर रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिमा के साथ चल रहे जुलूस में अचानक किसी ने पत्थर फेंक दिए, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। इस दौरान वहां पुलिस बल तैनात था, लेकिन घटना अचानक होने से कोई समझ नहीं पाया। पथराव में घायल तीन लोग आकाश रविंद्र, प्रकाश हरिभाऊ और विजय जगन्नाथ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ईज़ी कैश विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंबदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी राजेश कौशिक रस्सी का सांप बनाने में बुरी तरह फंस गए हैं। उन्होंने एक शख्स को पशु तस्कर साबित करने के लिए उससे फर्जी मुठभेड़ तक दिखा दी, जबकि वारदात के वक्त वह 62 किसी दूर बरेली में था। परिवार ने लोकेशन व फुटेज जैसे सबूत डीआईजी के सामने पेश किया है। गर्दन फंसती देख एसओ ने बदायूं एसओजी से निजी तौर पर मदद मांगी। इससे उन पर फंदा और कस गया है।
स्पेशल डेस्क, अमर उजालाPublished by:कीर्तिवर्धन मिश्रUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:29 AM IST
पैसे अर्न,







