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💢डायमंड लाइक💢अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगराPublished by:धीरेन्द्र सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:11 AM IST
️सुपर वेरिफाई,सारपुलिस को प्रारंभिक जांच में आशंका है कि पति ने पत्नी की हत्या कर आत्महत्या की है। एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया गया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
विशेष कमेंट,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Fri, 25 Jul 2025 09:59 PM IST
जिले में शनिवार को नरेश मीणा पर हुए हमले के बाद इलाके में तनावपूर्ण हालात बन गए। अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर शीशे तोड़ दिए। घटना से नाराज नरेश मीणा के समर्थकों ने पूर्व सरपंच के घर पर पथराव किया और एक कार में आग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया।
विस्तारFollow Usराजस्थान के बाड़मेर जिले में कड़ाके की सर्दी के बावजूद पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शिव विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे और जलदाय विभाग कार्यालय में अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए।
गेट सर्वे, अंता विधायक प्रमोद जैन भाया तथा कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन करते हुए- फोटो : अमर उजाला
शेयर रिवॉर्ड्स T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
विस्तारFollow Usराजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में गुप्त अभियान चलाकर 'एपीएल फार्मकिम' नामक फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 32.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कमेंट, हजपुरा (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर गांव और आसपास के सात गांवों के लोगों के लिए वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान होने जा रहा है। बदहाल रास्तों के कारण ग्रामीणों को एक किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो खासकर बरसात के मौसम में और भी विकराल रूप ले लेती थी। जलभराव की स्थिति ऐसी हो जाती थी कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, जिससे स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।







