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💢सुपर सब्सक्राइब💢चंडीगढ़ के गांव बहलाना में सोमवार दोपहर एक 13 वर्षीय बच्ची ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। मृतका आठवीं कक्षा की छात्रा थी और बहलाना स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती थी।
️गेम कम्पलीट,विस्तारFollow Usबैतूल जिले के गंज थाना क्षेत्र से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग पर किए गए गंभीर हमले के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमले में रॉड, फावड़ा, पत्थर और लाठियों का इस्तेमाल किया गया था। मृतक ने अस्पताल में दम तोड़ने से पहले पुलिस को बयान दिया था।
बिजनौर। रविवार को अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। इससे दिनभर लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। ठंड के चलते जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा सचिन कसाना ने सभी बोर्डों से संचालित स्कूलों में सोमवार व मंगलवार को कक्षा प्री-नर्सरी से कक्षा 8 वीं तक के छात्र-छात्राओं का अवकाश घोषित किया। यह अवकाश जनपद के परिषदीय, माध्यमिक,सीबीएसई, आईसीएसएई, मदरसा बोर्ड सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए है।
अतिरिक्त सर्वे, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:29 PM IST
भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
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उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
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रिसीव फ्री बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में ऑडियो वायरल मामले में पूछताछ के बाद आज मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल एसआईटी के सामने जमा कराएंगी। एसआईटी मोबाइल व ऑडियो को जांच के लिए आगे लैब में भेजेगी।
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