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💢ऑफर💢भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
️लाइक स्टूडेंट,दबतोरी/म्याऊं। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में रविवार को मरीज पहुंचे। दबतोरी और म्याऊं स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया और चिकित्सकों से परामर्श लिया। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के चलते मेलों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।
गोपेश्वर। नगर क्षेत्र में सोमवार को चारों ओर वाहनों का जाम लगा रहा। करीब साढ़े तीन घंटे तक लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र में वाहनों के पहिए जाम रहे। जगह-जगह जाम लगने से राहगीरों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
पुराना विन, विस्तारFollow Usबिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। साल के आखिरी दिन कई जिलों में घना कोहरा है। लोग अपने घर में ही कैद हैं।पटना के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।राज्य का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री (गया) तक पहुंच गया है। पटना में कई दिनों बाद आज सुबह धूप निकली लेकिन फिर भी न्यूनतम तापमान आज सुबह नौ डिग्री दर्ज किया गया है। एक जनवरी तक बिहार के 25 जिलों में शीत दिवस (कोल्ड डे) का ऑरेंट अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 33 जिलों में घना कुहासा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पांच जिलों का तापमान सात डिग्री से भी कम दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 जनवरी की सुबह गया का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भागलपुर (सबौर) का 5.6 डिग्री सेल्सियस, नालंदा (राजगीर) का 5.8 डिग्री सेल्सियस, सारण (छपरा) का 6.3 डिग्री सेल्सियस, औरंगाबाद का 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। यानी इस सीजन में पहली बार इतनी ठंड पड़ी है।
भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र के नगला झीलरा गांव में गुरुवार को एक नवजात शिशु के झाड़ियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्चा गंभीर अवस्था में था और उसके शरीर पर आवारा जानवरों के खरोंच के निशान पाए गए। ग्रामीणों ने जब बच्चे को देखा तो गांव में अफरातफरी मच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
कमाई सर्वे, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:40 PM IST
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