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💢विशेष लॉग इन💢अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:58 AM IST
️बड़ा डाउनलोड,छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में हत्या का एक मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने लोहे की रॉड से मारकर युवक की हत्या कर दी है। यह मामला साजा थाना क्षेत्र के ग्राम जांता का है।
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:24 PM IST
रिसीव कम्पलीट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:प्रिया वर्माUpdated Wed, 17 Dec 2025 10:06 PM IST
बदायूं। पंजाबी समाज सेवा समिति की ओर से लोहड़ी के अवसर पर “लोहड़ी की शाम बेटियों के नाम” कार्यक्रम का आयोजन गुरुद्वारा पंजाबी मोहल्ला में धूमधाम से हुआ। कार्यक्रम में लोहड़ी के पारंपरिक गीत गाए गए, बेटियों के हाथों लोहड़ी जलवाई गई और लोगों को प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर पूरे माहौल में उत्सव और सामाजिक संदेश का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
सारBikaner News: बीकानेर में पहली बार 200 किमी लंबी ‘वेदांता टूर डी थार’ अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रेस का आयोजन हुआ। देश-विदेश के साइकिलिस्टों ने भाग लिया। एलिट व एमेच्योर श्रेणियों में विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन को बीकानेर के खेल और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
विस्तारFollow Usबिलासपुर रेल हादसे में मृत लोको पायलट विद्यासागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा एवं विवाह का जिम्मा क्लीन कोल इन्टरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी ने लिया है। कम्पनी के संचालक संजय अग्रवाल ने लिखित पत्र जिला कलेक्टर एवं डीआरएम रेल्वे बिलासपुर को सौंपा है। कम्पनी ने हादसे में मृत लोगों के बच्चों की संपूर्ण शिक्षा में सहयोग करने का भी वचन दिया है।
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विन सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
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