फ्रेंड्स गेट
विन
कमेंट, Inc
नया रिसीव
💢शेयर टास्क💢Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
️गेम कैश,
सारभोपाल में कांग्रेस ने सोमवार को गंदे पानी का रियलिटी टेस्ट किया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वार्ड 25 (बाणगंगा) और नरेला विधानसभा (वार्ड 75–79, नवाब कॉलोनी) का निरीक्षण किया, जहां नलों से कीड़े युक्त दूषित पानी मिला। कांग्रेस ने पूरे मध्यप्रदेश में हर वार्ड में वॉटर ऑडिट कराने और शुद्ध पानी मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
सर्वे वॉच, विस्तारFollow Usराजधानी रायपुर में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में चावल निर्यातकों और किसानों के लिए बड़ी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंडी शुल्क में दी जा रही छूट की अवधि को एक साल और बढ़ाने का ऐलान किया। इस फैसले से चावल उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा और निर्यात को और गति मिलने की उम्मीद है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:12 PM IST
विस्तारFollow Usअमिताभ बच्चन के चर्चित शो कौन बनेगा करोड़पति-17 को दूसरा करोड़पति मिल गया है। बस्तर के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में तैनात CRPF इंस्पेक्टर बिप्लव बिस्वास ने एक करोड़ रुपये का सवाल चंद सेकंड में हल कर इतिहास रच दिया। उनकी तेज़ समझ और आत्मविश्वास को देखकर न सिर्फ बिग बी बल्कि स्टूडियो में मौजूद दर्शक भी दंग रह गए।
ट्रांसफर,
साप्ताहिक कलेक्ट
भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।
प्लेटिनम वीडियो, चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।







