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💢लाइक💢चंडीगढ़ में मेयर चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दांवपेंच भी तीखे होने लगे हैं। भाजपा ने आप के दो पार्षदों को अपने साथ मिलाकर अपना संख्या बल मजबूत किया, उसी का जवाब देते हुए आप ने अपनी पंजाब वाली ताकत दिखाकर पाला बदलने का विचार करने वाले पार्षदों को सख्त संदेश दे दिया है।
️मोबाइल,विस्तारFollow Usशहरी पेयजल योजना में गड़बड़ी में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तीन उपयंत्रियों समेत 6 अधिकारियों की वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश दिए। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगर परिषद सोनकच्छ में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में अनियमितता पाये जाने पर 3 उपयंत्रियों सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश दिये हैं।
विस्तारFollow Usभरतपुर जिले के कस्बा भुसावर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में एंटी करप्शन ब्यूरो चौकी भरतपुर इकाई ने रिश्वतखोरी के एक मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई में बैंक के एग्रीकल्चर मैनेजर भगवत प्रसाद सैनी और उसके रिश्तेदार सोमेन्द्र कुमार सैनी को ₹1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद बैंक परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
बड़ा मोबाइल, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं।
सर्वे सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:18 PM IST
कमेंट साइन अप -छत्तीसगढ़ में हुई प्रतियोगिता, लगातार दूसरे साल राष्ट्रीय स्तर पर जीता पदक
विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:36 PM IST







