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मेगा रिवॉर्ड्स
💢बड़ा रिवॉर्ड्स💢बरेली। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सड़क हादसों के मद्देनजर हाईवे पर एक एंबुलेंस और एक क्रेन अवश्य रहे। ताकि, हादसा हो तो घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के साथ ही क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम भी तेजी से करके आवागमन सुचारु कराया जा सके। ये बातें भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहीं।
️मासिक विन,
आजमगढ़ जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को मजहबी सवाल-जवाब सिखाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने पांच से छह साल के बच्चे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षिका का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है।
ऑफर रिसीव, सारMP:श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। नेशनल हाईवे और अन्य मार्ग, जो शहर को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ते हैं, वहां वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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विस्तारFollow Usबांसवाड़ा में न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास जैन की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने राजस्थान ग्रामीण बैंक, शाखा गनौडा बनाम विक्रम दर्जी पुत्र प्रभुलाल प्रकरण में आरोपी विक्रम दर्जी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने उसे 4 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा दी।
बागपत। शहर के जैन मोहल्ले में सोमवार दोपहर को घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मियों का लोगों ने विरोध कर दिया। लोगों की कर्मियों के साथ नोकझोंक और हाथापाई हो गई। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लोगों ने कर्मियों का गिरेबान पकड़कर मोहल्ले से बाहर भगा दिया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के अवर अभियंता और एसडीओ ने मामला शांत कराया। वहीं लोगों ने घरों पर लगवाए गए स्मार्ट मीटर भी हटवा दिए।
रिवॉर्ड्स पॉइंट्स,
सब्सक्राइब मतदान करने के लिए कतार में खड़े अधिवक्ता। संवाद- फोटो : संवाद
बलरामपुर। ठंड में हड्डी रोगियों की परेशानी बढ़ हुई है, वहीं संयुक्त जिला चिकित्सालय में कई महीनों से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। जिला अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 90 से 100 मरीज प्रतिदिन आते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज के निराश लौट रहे हैं।
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