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💢लाइक ईज़ी💢विस्तारFollow Usजिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।
️ईज़ी गेम,मृतक रमेश के शव को भारत लाने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और दूतावास को नोटिस में दिए निर्देश- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usबारां जिले के किशनगंज के पास हाईवे पर मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। खटका गांव के किसान दीपक मेहता अपनी मक्का की फसल लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से बारां मंडी जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई और दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।
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विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
टावर पर चढ़े हुए युवक को नीचे उतारते विद्युत विभाग के अधिकारी
आगरा। चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट या वोटर आईडी में धुंधली तस्वीर की परेशानी अब नहीं रहेगी। एसआईआर के बाद जारी होने वाली अंतिम सूची में हर मतदाता की साफ तस्वीर लगी होगी। इससे मतदान के समय उसकी पहचान करने में आसानी होगी। इसके लिए सभी बीएलओ को सोमवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण दिया गया।
बड़ा रजिस्टर, सारRajasthan Weather Update: राजस्थान में घना कोहरा और शीतलहर का कहर जारी है। 20 जिलों में कक्षा 8 तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जयपुर में विजिबिलिटी शून्य और सर्दी तेज हुई है। रिपोर्ट में जानिए मौसम का पूरा हाल...
टास्क रजिस्टर बरनही में आयोजित एसआईआर को लेकर आयोजित बैठक के दौरान अतिथियों को 51 किग्रा का माला पहनाकर स्वा
अमानीगंज। कहीं बोरे की कमी तो कहीं खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से धान खरीद की रफ्तार सुस्त हो चुकी है। परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर है। धीमी खरीद का सीधा फायदा आढ़तियों और खुदरा व्यापारियों को पहुंच रहा है। वह किसानों से औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
कूपन रिवॉर्ड्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 02 Nov 2025 12:16 PM IST







