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💢बड़ा डाउनलोड💢विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के सवाईपुर क्षेत्र के सालरिया गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव में चंबल परियोजना की टंकी के पास पानी में एक नवजात बालक का शव उतराता मिला, जिसके साथ गोबर और कचरा भी बह रहा था। ग्रामीणों ने जैसे ही यह मंजर देखा, इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
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IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
कूपन ऑफर, भोपाल के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र में इमारत की दूसरी मंजिल से गिरकर नूतन कॉलेज की छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने उसके दोस्त तुषार कपित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने छात्रा को छत से धक्का दे दिया। घटना के दो दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
सारउप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली प्री-बजट बैठक में शामिल हुए। उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास, बजटीय प्रबंधन और सिंहस्थ-2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग रखी।
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय दोगुनी करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लेमनग्रास की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ कमाने का एक उत्कृष्ट विकल्प बनकर उभर रही है।
साइन अप डाउनलोड,
साइन अप क्लिक ज्ञानपुर। जिले के 25 राजकीय और 10 वित्तपोषित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा दी जाएगी। विद्यालयों में लैब एवं उपकरण आदि की व्यवस्था की जाएगी। संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने के लिए स्कूलों में पांच-पांच लाख की लागत से लैब बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग के भेजे गए प्रस्ताव पर निदेशालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। जल्द ही लैब का निर्माण शुरू हो जाएगा।
कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
ईज़ी स्टूडेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Wed, 17 Dec 2025 08:41 AM IST







