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💢शेयर क्लिक💢बुरहानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़।- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी। रेलवे की ओर से सुरतपुरा-सादुलपुर रेलखंड के चुरू-आसलू-दुधवाखारा स्टेशनों के मध्य दोहरीकरण कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है जिससे रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार इस दौरान कई ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से रद्द रहेगा या परिवर्तित मार्ग से होगा।
अतिरिक्त कैश, सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी।- फोटो : 1
सारमुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है, जिससे वे राशन प्राप्त करने से वंचित हैं।
बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के कुसमी क्षेत्र अंतर्गत सेरंगदाग बॉक्साइट माइंस में श्रमिकों के साथ गंभीर अनियमितताओं और शोषण का मामला सामने आया है। खदान का संचालन कर रही बालाजी मार्बल एण्ड टाइल्स कंपनी पर श्रम कानूनों के खुलेआम उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इस संबंध में खदान में कार्यरत श्रमिकों एवं सुपरवाइजरों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
पुराना विथड्रॉ,
सर्वे सारमहाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत–यूके सैन्य अभ्यास ‘अजेया वारियर–25’ शुरू हो गया, जिसमें 240 सैनिक भाग ले रहे हैं। 14 दिन तक सेमी-अर्बन काउंटर-टेरर ट्रेनिंग, संयुक्त प्लानिंग और फील्ड एक्सरसाइज होंगी। यह 2011 से जारी प्रमुख द्विपक्षीय अभ्यास है।
टीएस सिंहदेव से मिले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल- फोटो : अमर उजाला
विथड्रॉ ऐप, विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







