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💢विज़िट💢विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
️डिपॉजिट पैसे,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sat, 29 Nov 2025 09:15 AM IST
सारOPPO Reno14 सीरीज के कैमरे में AI कैमरे मिलते हैं जो कि ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन, 4K 60fps HDR वीडियो रिकॉर्डिंग के अलावा कई सारे AI फीचर्स के साथ आते हैं। यदि आप ट्रेवल करने के शौकीन हैं तो आपके लिए ये फोन किसी शानदार तोहफे से कम नहीं हैं। आइए फर्स्ट इंप्रेशन में जानते हैं कि ये दोनों फोन पहली नजर में कैसे हैं...
वीडियो पॉइंट्स, विस्तारFollow Usइलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने की वैज्ञानिक सर्वे की मांग में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई स्थगित हो गई। अब अगली सुनवाई तीन जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने राखी सिंह की याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता राखी सिंह ने का कहना है कि वजूखाने के सर्वे से विवादित धार्मिक स्थल की धार्मिक चरित्र की पहचान हो सकेगी। वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से सर्वे का विरोध किया जा रहा है। हालांकि, सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पूजास्थल अधिनियम व ज्ञानवापी के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लंबित है। ऐसे में कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर अगली तिथि नियत कर दी।
जगीशपुर के अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर थौरी के पास पलटी कार। -संवाद
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
सऊदी अरब से 36 दिन बाद वतन लौटी दिवंगत रमेश कुमार की देह- फोटो : अमर उजाला
अतिरिक्त बोनस, क्षेत्र के गांव रुखाला में शनिवार शाम को खेत पर मधुमक्खियों के हमले से महिला की मौत हो गई।
अर्न वीडियो राजस्थान के बालोतरा जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार की सूचना मिलते ही सिवाना वन विभाग ने संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की। विभाग की टीम ने 40 घंटे की निरंतर खोज के बाद आरोपी शिकारी को गिरफ्तार किया। साथ ही शिकार किए गए मोरों की बरामदगी की गई और एक घायल मोर को उपचार उपलब्ध करवाकर उसका जीवन भी बचाया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:48 AM IST
कमेंट विथड्रॉ, परिवहन मंत्री से अपनी समस्या बताती महिला। संवाद- फोटो : संवाद







