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चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।
अर्न विन, चंपावत। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और आस्था केंद्रों में अपना स्थान रखने वाले ब्यानधुरा धाम में 13 जनवरी की रात्रि को देव जागरण होगा। इस देव जागरण को देवताओं की विधानसभा के नाम से जाना जाता है। उत्तरायणी पर्व पर हर वर्ष आयोजित होने वाले देव जागरण में क्षेत्रीय और अन्य जिले के श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:30 PM IST
हलैना कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक फीमेल डॉग ने आतंक मचा रखा है। पिछले दो दिनों से यह कुतिया लगातार बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों पर हमला कर चुकी है। अब तक 18 बच्चे, 2 शिक्षक और गांव के 7 लोग इस हमले का शिकार बन चुके हैं, जिनमें से कई का इलाज जारी है। कुल मिलाकर 27 लोग घायल हुए हैं।
विस्तारFollow Usशहर में शनिवार शाम मेन मार्केट में एक भयंकर घटना ने हड़कंप मचा दिया, जब कुछ बदमाशों ने कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच हरफूल जाट पर तलवार, सरिए और गोली से हमला कर दिया। घटना के कुछ ही घंटों में पुलिस ने भाजपा नेता और पूर्व सरपंच बालूलाल आचार्य, उनके दोनों बेटे गोपाल व अक्षय आचार्य और एक साथी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। हमले में हरफूल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रजिस्टर रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sun, 09 Nov 2025 07:22 PM IST
वीडियो कमाई सुन्हाणी में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में दमखत दिखाती खिलाड़ी। स्रोत: आयोजक
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वॉच, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद विवादों में घिर गया। हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय "समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ" था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे।







