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️गोल्ड विन,बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
डायमंड सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, बरनाला (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Fri, 26 Dec 2025 07:52 AM IST
EOW ने मांगा अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव का प्रोडक्शन वारंट- फोटो : अमर उजाला
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लाइक वॉच चंबा। नगर परिषद के तहत आते जनसाली वार्ड में जल्द ही तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण प्रस्तावित है। यह कार्य स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इसमें पहली मंजिल में पर्याप्त पार्किंग सुविधा होगी ताकि आने वाले ग्राहकों और स्थानीय लोगों को वाहन खड़ा करने में आसानी हो। दूसरी मंजिल में व्यापारिक दुकानें, जो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा देंगी। तीसरी मंजिल बड़ा हॉल, जिसका उपयोग सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक आयोजनों के लिए किया जा सकेगा। नगर परिषद की बैठक में निर्माण के लिए बजट प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है और इसे जल्द ही उपयुक्त अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे जनसाली में व्यवस्थित पार्किंग और आधुनिक व्यापारिक ढांचे की सुविधा भी उपलब्ध करवाएगी। नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि जनसाली वार्ड में पार्किंग जो खंडहर में तब्दील हो चुकी है। अब उसकी जगह तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण की योजना है। इससे एक तरफ वाहनों को पार्क करने की सुविधा होगी दूसरा लोगों को किराये पर दुकानें मिलेगी।
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
साप्ताहिक पॉइंट्स, सारबूंदी जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का प्रारूप जारी कर दिया गया है। पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम स्थानांतरण, मृत्यु और अन्य कारणों से हटाए गए हैं, जबकि मतदान केंद्रों का पुनर्गठन कर 143 नए बूथ बनाए गए हैं।







