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️क्लिक गेट,सारBhilwara News: भीलवाड़ा पुलिस ने अपराधियों और माफियाओं का महिमामंडन करने वाले सात स्थानीय गायकों पर रोक लगा दी है। गानों को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे गीत न गाने की चेतावनी दी गई है।
जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
अतिरिक्त कैश, भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
नेशनल हाईवे 719 पर सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। वहीं दौड़ लगा रहा एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना देहात क्षेत्र के दावत होटल के पास हुई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Wed, 07 Jan 2026 09:23 AM IST
प्लेटिनम रजिस्टर, विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जनवरी को शाम 6 बजे भोपाल के वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब, बड़ा तालाब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर शो, आतिशबाजी के साथ ही शेफाली अल्वारेस और दिव्या कुमार की प्रस्तुति भी होगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित हो रहे हैं। भोपाल से एमपी के इस सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ होगा, जिसमें तालाबों की सुंदरता और जल कला का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा।
सुपर सब्सक्राइब विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:39 PM IST
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