रजिस्टर
ऑफर टास्क
नया कम्पलीट, Inc
इंस्टेंट विज़िट
💢दैनिक अर्न💢चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
️पुराना ईज़ी,बदायूं के आंबेडकर छात्रावास के पीछे स्थित नगर पालिका के ओवरहेड टैंक की सफाई के नाम पर पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। इससे जुड़े पांच वार्डों के करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। इससे नाराज वार्ड सदस्य सोमवार सुबह ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भोपाल के परिवार न्यायालय में रिश्तों से जुड़ा एक असामान्य मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) बनी एक महिला ने अपने पति से तलाक की अर्जी दी है। महिला का कहना है कि पति के धोती-कुर्ता पहनने और सिर पर चोटी रखने के कारण उसे शर्मिंदगी महसूस होती है।
फ्रेंड्स रजिस्टर, मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के नावरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाकड़ी वन चौकी में तैनात विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के एक हवलदार की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 58 वर्षीय हवलदार कैलाश धुर्वे के रूप में हुई है, जिनकी चार दिन पहले ही छिंदवाड़ा से यहां पदस्थापना हुई थी।
भीलवाड़ा में माण्डलगढ़-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 758 पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बीगोद कस्बे के पास यश पावन धाम के समीप तेज रफ्तार ट्रेलर और इको कार की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई।
बुलंदशहर। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के लिए रोडवेज बसों को सर्दी के चलते यात्री नहींं मिल रहे हैं। पर्याप्त यात्री न मिलने से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्रयागराज के लिए बसों का संचालन किया जाएगा।
प्लेटिनम डिपॉजिट,
कम्पलीट मोबाइल Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछालShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'डिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसी
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
कमेंट ऑनलाइन,







