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💢रिसीव इनवाइट💢विस्तारFollow Usराज्य सरकार ने जिलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत बालोतरा और बाड़मेर जिलों की सीमाओं में आंशिक बदलाव किया है। इस नए आदेश की अधिसूचना शुक्रवार देर रात सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होते ही दोनों जिलों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कहीं लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया तो कहीं असंतोष और नाराजगी भी दिखाई दी।
️कूपन,सारअमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की ओर से आगरा में ‘स्त्री शक्ति समृद्धि’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महिलाओं को निवेश से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
बालोद में मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाने में एक बार फिर अव्यवस्था देखने को मिल रही है। प्रशासन ने बिना तैयारी किए बॉयलर का पूजन कर किसानों को गन्ना लाने के टोकन जारी कर दिए, लेकिन कारखाने का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका। इससे गन्ना लेकर पहुंचे सैकड़ों किसान परेशान हैं।
छोटा कूपन, सारअंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
विस्तारFollow Usमाघ मेला क्षेत्र में मुख्य स्नान पर्व पर शहर के बाहर 12 प्रमुख नो-एंट्री प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। जिनमें मंदर मोड़, थाना परेडी गेट, पुलिस चौकी बमरौली, सहसो चौराहा, हबूसा मोड़, सोरांव बाइपास, नवाबगंज बाइपास, मलाक हरहर चौराहा, टीपी नगर कटरा, रामपुर चौराहा, गौहनिया घरपुर और 40 नंबर गुमटी शामिल हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के दौरान उसके रास्ते में मौत हो जाने से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंच कर सांकेतिक तालाबंदी की। उन्होंने नारे लगा कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
टास्क पॉइंट्स, फोटो- 09 तालाब में लगा एरेशन सिस्टम। स्त्रोत : विभाग
पॉइंट्स कलेक्ट मेडिकल में छात्रा को देखने पहुचीं एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून- फोटो : विवि
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:57 PM IST
गोल्ड ऑफर, बलिया। जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और कैशलेस बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब 20,000 रुपए से अधिक की रजिस्ट्री फीस का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद भुगतान का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 12 जनवरी से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू होगी।







