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💢पॉइंट्स💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Tue, 23 Dec 2025 09:26 PM IST
️छोटा विज़िट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:भीलवाड़ा ब्यूरोUpdated Thu, 02 Oct 2025 08:01 AM IST
नकली सोना देकर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस तीन आरोपियों को हिासत में लिया
शेयर वॉच, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:41 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Bilaspur News: बीजेपी की डबल इंजन की सरकार अब छत्तीसगढ़ की न्यायधानी यानी बिलासपुर को संवारेगी। इसके लिये रोडमैप तैयार हो चुका है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:14 AM IST
अतिरिक्त ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:भरतपुर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 02:07 PM IST
पैसे फ्रेंड्स अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:01 PM IST
गोपेश्वर। चमोली जिला बार एसोसिएशन ने नैनीताल से गोपेश्वर के लिए रोडवेज बस सेवा के संचालन मांग उठाई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उत्तराखंड परिवहन निगम के निदेशक को ज्ञापन भेजा। अधिवक्ता मनोज भट्ट, रैजा चौधरी, सत्यप्रकाश सती, नीता बिष्ट, ज्ञानेंद्र खंतवाल, एसएस मनराल आदि ने कहा कि अधिवक्ताओं का अक्सर न्यायालय के कार्यों के लिए नैनीताल आना-जाना रहता है। मौजूदा समय में परिवहन विभाग की ओर से जो बस नैनीताल से गोपेश्वर के लिए संचालित की जा रही है वह बहुत पुरानी हो गई है। यह बस रास्ते में बार-बार खराब हो जाती है। बस खराब होने पर दूसरे वाहनों से अपने गंतव्य के लिए जाना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने अविलंब नैनीताल से गोपेश्वर के लिए नई बस सेवा शुरू करने की मांग की। संवाद
इनवाइट इनाम, विस्तारFollow Usबीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।







