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💢सुपर रजिस्टर💢जहांगीराबाद। क्षेत्र के फतेहसराय गांव में रविवार देर रात जानवरों के छप्पर में लगी आग ने तबाही मचा दी। इस भीषण हादसे में गांव निवासी फूलचंद चौहान की सात गाय, तीन बछड़े और 40 बकरियां जलकर मर गईं।
️विशेष ऐप,बालोद में मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाने में एक बार फिर अव्यवस्था देखने को मिल रही है। प्रशासन ने बिना तैयारी किए बॉयलर का पूजन कर किसानों को गन्ना लाने के टोकन जारी कर दिए, लेकिन कारखाने का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका। इससे गन्ना लेकर पहुंचे सैकड़ों किसान परेशान हैं।
विस्तारFollow Usजिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई के निर्देशन में कोटपूतली–बहरोड़ पुलिस की जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बानसूर थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधी दिलीप गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पुलिस विभाग की ओर से 5,000 रुपये का इनाम घोषित था।
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श्रीदत्तगंज। महदेइया बाजार स्थित रॉयल पैलेस में 29 जनवरी को होने वाले एक शाम महदेइया के नाम ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन को भव्य बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रविवार को महदेइया बाजार में आयोजन समिति की बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, अतिथि सत्कार और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
फोटो- 34-विजेता ट्रॉफी के साथ हर्षित इलेवन के खिलाड़ी
ईज़ी, संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:10 AM IST
बड़ा रिवॉर्ड्स नवाबगंज। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर के कारण नगर पालिका में भी सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। पर्यवेक्षण के अभाव में 25 वार्डों के मोहल्लों में सफाई के लिए कर्मी कभी-कभी आ रहे हैं। जगह-जगह कूड़ों के ढेर और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार की आबादी वाले कस्बे के लोगों को परेशानी हो रही है।
अंबेडकरनगर । शहर स्थित अकबरपुर स्टेशन के मखदूमपुर रेलवे क्रासिंग से गुजरती रेलवे लाइन लोगों के लिए मुशीबत बन चुकी है। 24 घंटों में 50 बार रेलवे क्रासिंग बंद होती है और लोगों को घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। जब ट्रेनें गुजरती हैं, तो फाटक बंद हो जाता है और लोग जाम में फंस जाते हैं। इस मार्ग से करीब 150 गांवों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता हैं।
ऑफर बोनस, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







