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कलेक्ट, पूर्व सीएम हरिदेव जोशी की कोशिशों और पूर्व पीएम इंदिरा के सहयोग से शुरू हुआ था माही बांध- फोटो : अमर उजाला
चंचल पैकरा ने हासिल किया प्रथम स्थान- फोटो : अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 04:58 PM IST
ट्रांसफर इंस्टेंट, अनूपपुर जिला मुख्यालय में ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बीते 8 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक इसका कार्य अधूरा है। लगातार दो विभागों के बीच जारी खींचतान के कारण काफी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कार्य की रफ्तार में कोई सुधार नहीं होने से नगरवासी पूरी तरह से मायूस हैं। नगर के विकास को रफ्तार देने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का यह कार्य किया जा रहा था, लेकिन आज तक यह कार्य अधूरा ही है, जिसकी वजह से अनूपपुर नगर दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। एक हिस्से पर जिला चिकित्सालय, न्यायालय भवन तथा स्कूल और कॉलेज है तो दूसरे हिस्से पर कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय तथा मुख्य बाजार है।
डाउनलोड साइन अप बालोतरा के औद्योगिक तृतीय चरण में स्थित एक प्रिंटिंग प्रोसेस फैक्ट्री में सोमवार देर शाम भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें कपड़े के भारी मात्रा में थान, मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री धुएं से भर गई और आग की लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान होने की आशंका है।
विस्तारFollow Usअजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी 2026 तय की है।
पुराना डिपॉजिट, अंबारी। अहरौला ब्लाक के ग्राम पंचायत ओरिल में लगभग 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी बीते तीन वर्षों से शोपीस बनी हुई है। जल निगम ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओरिल ग्राम पंचायत का चयन किया गया था। 20 हजार की आबादी और 28 पुरवों में फैले इस गांव में टंकी निर्माण के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पीने के पानी की समस्या खत्म होगी, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी खामियों से काम रुक गया। प्रधान राम अवतार यादव का कहना है कि करीब तीन साल से टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। टंकी पर लगा ट्रांसफॉर्मर जल चुका है और पाइपलाइन में भारी लीकेज है। आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए गांव में कम से कम तीन टंकियों की आवश्यकता है। घटिया पाइप और सामान लगाने के कारण टंकी को अब तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। वहीं, पूर्व प्रधान बिनोद यादव, संजय यादव सहित जगदीश बिंद, सियाराम गुप्ता, अरविंद समेत कई ग्रामीणों ने टंकी को तत्काल चालू कराने की मांग की है।







