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💢पुराना रिसीव💢अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:51 PM IST
️अतिरिक्त टास्क,सारहिमाचल प्रदेश में अब पक्का मकान होने के बावजूद पात्र परिवार बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे। दूसरे महत्वपूर्ण बदलाव में बीपीएल पात्रता से जुड़े आयु मानदंड में भी संशोधन किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तारFollow Usराष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और देश के भूतपूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव परेशान हैं। दुखी हैं। चौतरफा परेशानी में हैं। हमेशा 'फैमिली मैन' रहे लालू प्रसाद यादव परिवार के कारण ही परेशान हैं। एक तो बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की हसरत पूरी नहीं हुई और दूसरी तरफ पार्टी की करारी हार के साथ परिवार में उपद्रव मच गया। खुद बड़े बेटे को दूर किया था, अब छोटा बेटा दूर-दूर कर विदेश यात्रा पर निकल गया। रही-सही कसर किडनी दान कर जीवन बचाने वाली बेटी रोहिणी आचार्य की बातें टीस दे रहीं। करें तो क्या? राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष की परेशानी सिर्फ दूर से दिखने वाली ही नहीं, अंदर से समझने वाली भी है। हर एंगल को समझा रही है यह स्टोरी।
गेट कमाई, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:27 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 12 Dec 2025 02:14 PM IST
चरखी दादरी। जिले के कस्बा झोझू कलां में विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की मांग उठती रही है और अब इसे लेकर ठोस प्रयास शुरू हो चुके हैं। शिक्षा एवं जनकल्याण समिति झोझू कलां की ओर से विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक के पास औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। यदि सभी मापदंडों पर खरा उतरा गया तो झोझू कलां जल्द ही दादरी जिले का प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकता है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:03 PM IST
सिल्वर लॉग इन, जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक में मौजूद लोग। स्रोत: समिति
अतिरिक्त विज़िट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 13 Nov 2025 10:00 PM IST
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
क्लिक ट्रांसफर, उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







