डिपॉजिट कूपन
मोबाइल
डिपॉजिट वेरिफाई, Inc
अर्न फ्रेंड्स
💢मोबाइल💢जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
️इनवाइट,Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
विस्तारFollow Usबागेश्वर में कोतवाली क्षेत्र के दाड़िमठौक गांव में घर के भीतर रखी अंगीठी की गैस लगने से एक ही परिवार के चार लोग बेहोश हो गए। प्रभावितों में बच्ची भी शामिल है। चारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी सेहत में पहले की तुलना में सुधार है। सुबह दूध लेने आई महिला के चलते घटना का पता समय पर चल गया और बड़ी घटना होने से बच गई।
गोल्ड कूपन,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Thu, 08 Jan 2026 04:13 PM IST
UP Triple Death: तालाब में मिलीं मां-दो बेटियों की लाशें- फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तारFollow UsITM:आज भारत वर्ष 2047 का रोडमैप लेकर चल रहा है। सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है कि हम अपने परम्परागत दृष्टिकोण में बदलाव करते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपने जीवन में सम्मलित करें ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। देहरादून स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) अपने छात्रों को नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से डायनामिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
इंस्टेंट, विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
फ्री सब्सक्राइब विस्तारFollow Usबागेश्वर के मनकोट गांव की बुजुर्ग महिला की मौत को लेकर बना रहस्य अब पूरी तरह साफ हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग ने पुष्टि की है कि महिला की मौत वन्यजीव के हमले के कारण ही हुई थी। इस खुलासे के बाद वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
बोनस,







