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💢विन💢थाना सकरी क्षेत्र में मंगलवार को जमीन विवाद एक खौफनाक वारदात में बदल गया। भैराबांधा तालाब के पास 48 वर्षीय मनबोध यादव का खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पुत्र मयंक यादव (20) ने थाना पहुंचकर जानकारी दी कि उसके पिता का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:38 AM IST
प्लेटिनम कमाई, सारBurhanpur News: पुलिस ने कहा कि यह एक अत्यंत गंभीर और शर्मनाक घटना है। हमने आरोपी रतन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस इस मामले में कठोर कार्रवाई कर रही है।
सारईरान में जो प्रदर्शनों का दौर जारी है, उसकी शुरुआत कहां से हुई और इसकी वजह क्या थी? दो हफ्ते में ईरान में ऐसा क्या-क्या हुआ है, जिससे प्रदर्शनों में सत्ता परिवर्तन की मांग उठने लगी है? इस आंदोलन के पीछे का चेहरा कौन है? यह प्रदर्शन कितने बड़े स्तर पर हैं? ईरान सरकार ने इनसे निपटने के लिए क्या किया है? इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया रही है? अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के आंदोलनों को लेकर क्या तैयारी कर रहे हैं?आइये जानते हैं...
खुर्जा जंक्शन स्थित मैरिज होम में आयोजित सामूहिक विवाह में दुल्हनों को आशीर्वाद देते भाकियू राष
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शनिवार को अपने बेतूल दौरो के दौरान मामूल चोट का शिकार हो गए। हेमंत खंडेलवाल ज़िले के आठनेर दौरे पर थे। इस दौरान उनकी उंगली कार का दरवाजा बंद करते समय दब गई। असहनीय दर्द के चलते वो बेचैन हो गए और उन्हे चक्कर आ गया। तभी वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला और तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले गए।
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सारBhagalpur News: भागलपुर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर अभया ब्रिगेड सक्रिय कर दी गई है। सादे लिबास में तैनात महिला पुलिस सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी करेगी, जागरूकता बढ़ाएगी और मनचलों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
सर्वे ऑनलाइन, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







