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💢गोल्ड फ्रेंड्स💢भाटापारा में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में अवैध धान की आवक रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर भाटापारा की टीम ने आज दो अलग-अलग स्थानों में दबिश देकर कुल 5,92,250 रुपये मूल्य के 625 कट्टा, लगभग 250 क्विंटल धान जब्त किया।
️लाइक,विस्तारFollow Usबानसूर जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई (IPS) के निर्देशन में कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस की जिला स्पेशल टीम (DST) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे एक इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने थाना बानसूर के एक प्रकरण में वांछित 5000 रुपये के इनामी अपराधी राहुल चौहान को दबोच लिया है।
वीडियो, सारअलीगढ़ शहर में 13 जनवरी को कई कार्यक्रमों का आयोजन होना है, जिसमें प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार हैं...
सारउप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा लोक निर्माण विकास मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर पालिका अम्बिकापुर क्षेत्र के लिए 82 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चादर दरगाह में पेश
प्रीमियम टास्क, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Fri, 05 Dec 2025 11:51 PM IST
ईज़ी विथड्रॉ सारशादी के एक दिन बाद ही गई दुल्हन लौट आई है। दुल्हन पति के साथ रहना चाहती है। उसने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया। पति व उसके परिवार वाले उसे साथ नहीं ले जाना चाहते।
अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:अनुज कुमारUpdated Sat, 03 Jan 2026 10:55 PM IST
शेयर कलेक्ट, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।







