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️कमाई सर्वे,अयोध्या स्थित राम मंदिर में संदिग्ध व्यक्ति के मिलने के बाद पुलिस देर रात तक इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआरपीएफ समेत कश्मीर की अन्य एजेंसियों के संपर्क में रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार सभी एजेंसियों ने पकड़े गए व्यक्ति के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल न होने के संकेत दिए हैं। फिर भी पुलिस इसे लेकर अलर्ट है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sat, 18 Oct 2025 03:26 PM IST
अर्न, अल्मोड़ा। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में भाषण के दौरान अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इस मामले में शुक्रवार को तहरीर मिली थी। तहरीर में बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा निवासी वैभव जोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण में विभिन्न संगठनों की आमसभा हो रही थी। वह भी सभा में अपने दोस्तों के साथ उपस्थित थे। लोग बारी-बारी से भाषण दे रहे थे। तभी एक महिला भाषण देने लगी। भाषण के दौरान उसने कई बातें समाज में द्वेष फैलाने वाली कह दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को जूता मारने, शराबियों एवं बलात्कारियों जैसे घिनौने शब्दों को ब्राह्मणवाद और मानुवाद से जोड़ दिया। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 (1) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मामले की विवेचना एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी को सौंपी गई है।
विस्तारFollow Usअजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएस) अजमेर के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल को फोन कॉल और मैसेज के जरिए धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक निजी कॉलेज संचालक के कहने पर नियमविरुद्ध प्रवेश कराने का दबाव बनाया गया और मना करने पर अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए धमकियां दी गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साप्ताहिक ऑफर, मृतक रमेश के शव को भारत लाने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और दूतावास को नोटिस में दिए निर्देश- फोटो : अमर उजाला
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वेरिफाई, आजमगढ़। दीवानी बार एसोसिएशन के चुनाव में सोमवार को गहमा-गहमी के बीच भारी मतदान हुआ। 2035 अधिवक्ताओं में से 1850 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि आचार संहिता के उल्लंघन के चलते पांच अधिवक्ताओं के मत निरस्त कर दिए गए, जिसके कारण अब 1845 मतों की ही गणना की जाएगी। इस प्रकार मतदान प्रतिशत करीब 91 प्रतिशत रहा।







