कम्पलीट साइन अप
सर्वे पैसे
वॉच, Inc
क्लिक अर्न
💢अर्न रजिस्टर💢
️गोल्ड विज़िट,सारजिला चिकित्सालय में 75 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसमें 25 पुरानी बिल्डिंग में तथा 50 नए भवन में लगाए गए हैं। इनकी तस्वीरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इस वजह से आऱोपियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
बड़ा कम्पलीट, विस्तारFollow Usआजमगढ़ जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को मजहबी सवाल-जवाब सिखाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने पांच से छह साल के बच्चे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षिका का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है।
बागपत। शहर के जैन मोहल्ले में सोमवार दोपहर को घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे कर्मियों का लोगों ने विरोध कर दिया। लोगों की कर्मियों के साथ नोकझोंक और हाथापाई हो गई। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। लोगों ने कर्मियों का गिरेबान पकड़कर मोहल्ले से बाहर भगा दिया। इसके बाद वहां आए ऊर्जा निगम के अवर अभियंता और एसडीओ ने मामला शांत कराया। वहीं लोगों ने घरों पर लगवाए गए स्मार्ट मीटर भी हटवा दिए।
बाराबंकी। शहर के मुंशीगंज मोहल्ले में एक चोर ने मोबाइल दुकान का शटर काटकर 18 लाख रुपये के मोबाइल पार कर दिए। हालांकि, पुलिस ने अस्सी सीसीटीवी कैमरे खंगाले और घटना के कुछ ही घंटों बाद झाड़ियों में छिपाकर रखी गईं मोबाइल से भरी बोरियां बरामद कर लीं।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
गेम रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usपंजाब में पिछले आठ वर्षों के दौरान अमृतसर और जालंधर ने वायु गुणवत्ता सुधार में सबसे अधिक प्रगति की है। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 2017 में 189 था, जो 2025 तक घटकर 87 हो गया, यानी 54% कमी। इसी तरह, जालंधर का एक्यूआई 178 से घटकर 99 हुआ, यानी 45% की गिरावट दर्ज की गई।
विथड्रॉ सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराजUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:32 AM IST
लाइक ऑनलाइन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Thu, 25 Dec 2025 03:45 PM IST







