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💢शेयर रिसीव💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:26 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:05 PM IST
क्लिक, जमुई जिले में अपराध की एक और गंभीर घटना सामने आई है। जमुई–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर अगहरा और बरुअट्टा के बीच अज्ञात अपराधियों ने बाजार से घर लौट रहे एक व्यक्ति की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
कोंडागांव में सड़क नवीनीकरण कार्य को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में केशकाल नगर के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (एनएच-30) पर शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान नगर में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। इससे पहले मां महामाया मंदिर का दर्शन किया। उन्होंने माता की विधिवत पूजा-अर्चना व आरती कर छत्तीसगढ़ की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की और आशीर्वाद लिया।
अंबरनाथ नगर परिषदशक्सगाम घाटी पर भारत की लताड़ से बौखलाया चीनयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढा
नया ट्रांसफर, बुलंदशहर। जनपद के सभी 27 थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जमीन विवाद, आपसी रंजिश और घरेलू कलह से जुड़ी शिकायतें अधिक पहुंचीं।
प्लेटिनम रजिस्टर विस्तारFollow Usबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को विधानसभा चुनाव 2025 के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे। वे यहां भीखनपुर स्थित अपने करीबी मित्र उदय कांत मिश्रा के आवास पर उनकी माता के श्राद्ध कर्म में शामिल हुए तथा परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।
विस्तारFollow Usराजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
कैश कमाई, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







