वीआईपी सर्वे
गोल्ड ऐप
अतिरिक्त कमेंट, Inc
मासिक विज़िट
💢मेगा वेरिफाई💢विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के दो अलग-अलग जिलों में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसों ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। भिंड में तेज रफ्तार कैंटर की टक्कर से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पन्ना में मंदिर से लौट रहे भाई-बहनों समेत तीन की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
️पॉइंट्स कलेक्ट,
चंबा। परेल के पास रावी नदी के किनारे न तो लोक निर्माण विभाग और न ही पंचायत सड़क का निर्माण करवा रही है तो आखिरकार दो से तीन मशीनें लगाकर सड़क निर्माण करना अब पहेली बन गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके लिए न तो वन विभाग की अनुमति ली गई है और न ही प्रशासन को इसके बारे में पता है। हालांकि अब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन ने इस मामले की जांच करवाएगा।
प्लेटिनम टास्क,
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 05 Jan 2026 05:22 PM IST
सारमध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कम हुई और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:दिनेश शर्माUpdated Wed, 24 Dec 2025 05:59 PM IST
वॉच, बदायूं। किसानों ने खेतों के चारों ओर लोहे के तारों से तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
टास्क न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Sat, 10 Jan 2026 05:42 PM IST
भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा यूट्यूब पर वीडियो देखकर गर्भवती महिला का ऑपरेशन करने के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि ऑपरेशन के दौरान नवजात शिशु को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
अल्ट्रा इंस्टेंट, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







